Thursday, February 2, 2023
Homeउत्तर प्रदेशAligarh: 7 साल पहले मृत हुई किशोरी हाथरस से बरामद, पुलिस ने...

Aligarh: 7 साल पहले मृत हुई किशोरी हाथरस से बरामद, पुलिस ने डीएनए के लिए कोर्ट में किया पेश

- Advertisement -

Aligarh

इंडिया न्यूज, अलीगढ़ (Uttar Pradesh): उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 7 साल पहले मृत हो चुकी किशोरी युवती होने के बाद हाथरस से पुलिस ने बरामद की है। जबकि विष्णु नाम का युवक पिछले 7 साल से इस युवती के किशोरावस्था में रहते हुए अपहरण कर हत्या के मामले में जेल काट रहा है।

जेल में बंद युवक की मां ने लगाई न्याय की गुहार

7 साल पहले आगरा में मिले एक अज्ञात शव को अपनी बेटी के शव के रूप में शिनाख्त करने वाले पिता ने भी बरामद युवती को अपनी वही बेटी बताया है। पुलिस ने बरामद युवती को कोर्ट में 164 के बयान और डीएनए टेस्ट कराने की अपील के साथ पेश किया है। जेल में बंद युवक विष्णु की मां और परिजनों ने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

एसएसपी ने गंभीरता से जांच करने का दिया था निर्देश

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दिनों थाना गोंडा के ढांठौली गांव निवासी सुनीता वृंदावन के एक भागवताचार्य के साथ उच्चाधिकारियों के साथ ही एसएसपी से मिली थी। उन्होंने बताया कि उनके निर्दोष बेटे को गांव की एक किशोरी के अपहरण और हत्या के जुर्म में जेल भेजा गया है। कुछ समय पहले उन्हें सूचना मिली कि वह लड़की जिंदा है। किसी के साथ शादी कर कहीं रह रही है। यह सुनकर अचंभित एसएसपी कलानिधि नैथानी ने थाना पुलिस को गंभीरता से जांच कर सच्चाई का पता लगाने का निर्देश दिया। इसके बाद थाना पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और उक्त युवती को जिला हाथरस से बरामद कर सोमवार को कोर्ट में 164 के बयान व डीएनए की अपील के साथ पेश किया।

किशोरी का किसी युवक से था प्रेम संबंध

वहीं, विष्णु को न्याय दिलाने के लिए उसकी मां सुनीता का सहयोग कर रहे वृंदावन निवासी भागवताचार्य उदय कृष्ण शास्त्री ने आरोप लगाते हुए बताया है कि उक्त किशोरी के किसी युवक के साथ प्रेम संबंध थे। वह अपने उसी प्रेमी के साथ भागकर हाथरस के एक गांव में पहुंच गई थी। जिसकी जानकारी उन्हें तब हुई जब वह उस गांव में भागवत करने के लिए गए थे और वहां उस किशोरी का फोटो दिखा कर गांव में पूछताछ की। तो वहां ग्रामीणों ने उस किशोरी को कई वर्ष पूर्व भाग कर आने की जानकारी दी। जो कि 7 साल बाद युवती हो चुकी थी।

यह था मामला
दरअसल घटनाक्रम के अनुसार 17 फरवरी 2015 को गांव के एक किसान द्वारा पुलिस को दी गई गुमशुदगी की तहरीर में कहा गया कि उनकी 10वीं में पढ़ने वाली बड़ी बेटी लापता है। उसके लापता होने के पीछे परिवार ने गांव की विधवा महिला सुनीता के इकलौते बेटे विष्णु पर संदेह जताया। कई माह तक चली जांच में पुलिस किशोरी का सुराग नहीं लगा सकी। कुछ समय बाद आगरा में एक किशोरी की लाश मिली। उसके शरीर पर मिले कपड़ों के आधार पर गोंडा निवासी किशोरी के परिवार ने अपनी बेटी के शव के रूप में पहचान करते हुए विष्णु पर हत्या करने का आरोप लगाया। मामले में पुलिस ने विष्णु को जेल भेजते हुए उसके खिलाफ किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने, हत्या कर साक्ष्य छिपाने के आरोप में 25 सितंबर 2015 को चार्जशीट दायर कर दी। तब से विष्णु कई वर्ष तक जेल में रहा। कुछ वर्ष बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आया। लेकिन एक बार फिर से कोर्ट में किन्ही कारण बस तारीख पर ना पहुंचने के चलते विष्णु के वारंट हो गए और पुलिस ने विष्णु को गिरफ्तार कर फिर से जेल भेज दिया। तब से विष्णु जेल में बंद चल रहा है।

यह भी पढ़ें: महिला ने पति के खिलाफ लिखाई कम्प्लेन, शादी के बाद भी रहता है गर्लफ्रेंड के साथ

Connect Us Facebook | Twitter

SHARE
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular